आख़िर ऐसा क्या है इंदौर में, जिसके चलते हर रियल एस्टेट इंवेस्टर इंदौर में ही निवेश करना चाहता है?

दोस्तों ये इंदौर की तारीफ़ नहीं, बल्की 2023 को सच्चाई है की आज लोगों की नज़रों में इंदौर से बेस्ट शहर और
कोई नहीं है। और बात करें अगर इंदौर वासी की, तो वो इसे किसी स्वर्ग से कम नहीं मानते। यहां की गवर्मेंट भी
दिन पर दिन इसे और बेहतर बनाने की कोशिश में लगी है। आइए जानते है वो फैक्टर्स जिस वजह से रियल
एस्टेट एजेंट्स इंदौर में ही इन्वेस्ट करना चाहता है।
स्मार्ट सिटी – इंदौर उन सभी सिटीज में सबसे पहले नम्बर पर थी जिसे गवर्मेंट ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में
कंसीडर किया था। इंदौर हर दिन मिनी मुंबई बनने के लिए कुछ कदम आगे लेता जा रहा है। बात चाहे यहां की
इन्फ्रास्ट्रक्चरल डेवलपमेंट की हो, या दूसरी फैसिलिटीज की। इंदौर किसी भी मायने में अब कम नहीं है।
माइग्रेंट पॉपुलेशन – मध्य प्रदेश में पढ़ाई और नौकरी को लेकर जो फैसिलिटीज इंदौर में है, वो शायद ही किसी
और शहर में हो। यहां आपको प्राइवेट कॉलेजेस से लेकर आईआईटी और आईआईएम कॉलेजेस तक सब मिलेंगे।
यहीं वो वजह जिसके चलते आस पास के शहरों के युवा भी यहीं आकर बसने लगे है और इंदौर की पॉपुलेशन
दिन पर दिन बढ़ती जा रही है।
वेदर और ग्रीन स्पेस – दूसरे शहरों की तुलना में इंदौर का एनवायरमेंट ज़्यादा खुशनुमा है। यहां ना कभी ज़्यादा
गर्मी होती है, ना ज्यादा ठंड। यहां का कंफर्टेबल माहौल ही है जो कहीं और जा कर बसे लोगों को वापस अपने
पास खींचता है।
इंफ्रा डेवलपमेंट – वो चाहे छप्पन हो या पलासिया, या फिर कोई मॉल हो या मल्टीप्लेक्स, इंदौर में पिछले
पांच सालों में सभी पब्लिक प्लेसेज को मोडिफाई किया गया है। इन्हें के चलते इंदौर भी अब एक टूरिज्म सिटी
की लिस्ट में आने लगी है।
मेट्रो सिटी – इंदौर में मेट्रो का काम भी तेज़ी से चल रहा है। यहां की बढ़ती पॉपुलेशन को बांटने के लिए मेट्रो
का आना एक ज़रूरी और स्मार्ट मूव है। साथ ही BRTS शहर के सभी बड़े पार्ट्स को कनेक्ट करने के लिए
बनाया गया, जो जल्द ही इंदौर के आस पास के शहरों तक भी अपनी सर्विस देगा।
सुपर कॉरिडोर – सारे कारणों में से सुपर कॉरिडोर एक प्रमुख कारण है जिसके चलते हर इंवेस्टर इंदौर में
इन्वेस्ट करना चाहता है। IT सेक्टर और रेजिडेंशियल पर्पस के लिए बनाया गया सुपर कॉरिडोर लगभग 12
किलोमीटर के एरिया तक फैला हुआ है, इतना जितने में एक नया शहर बस सकता है। ये इंदौर का मोस्ट
पॉपुलर रेजिडेंशियल और एक्सपेंसिव एरिया है।

हाई रेंटल – इंदौर में बढ़ती फैसिलिटी और आबादी के साथ साथ घरों के रेंट भी तेज़ी से बढ़ रहे है। प्रॉपर्टी को
लेकर यहां कभी लॉस हो ही नहीं सकता है। यही वजह है की हर रियल एस्टेट फर्म यहां पर इन्वेस्ट करना
चाहती है।
लीवरेज – रियल एस्टेट में लीवरेज का मतलब होता है बोरोड कैपिटल से प्रॉपर्टी खरीदना। मान लीजिए की
आपने एक घर खरीदने के लिए लोन किया है। ये लोन आपका 7% इंटरेस्ट रेट पर मिला है। लेकिन वहीं अगर
आपने इस घर को 11% रेट पर किराए से दिया है, तो भी आपको 4% का फायदा हो रहा है। लीवरेज
इन्वेस्टर्स की रिस्क को कम करता है।
टैक्स एडवांटेज – इंडियन इनकम टैक्स एक्ट 1961, अंडर सेक्शन 20C, आप अपने होने लोन पर लगभग 1.5
लाख तक के टैक्स की छूट पा सकते है। टैक्स में मिलने वाली ये बचत भी एक कारण है, जिसके चलते वो लोग
भी होने लोन लेते है, जिन्हें घर खरीदने के लिए लोन की जरूरत नहीं होती।
तो अब तो आप भी ये बात अच्छे से समझ गए होगे की क्यों इंदौर इन्वेस्टर्स के प्रॉफिट जनरेट करने के लिए
बड़ा और बेस्ट ऑप्शन है।
अगर आप भी इंदौर में इन्वेस्ट करने का सोच रहे है या फिर प्रॉपर्टी को लेकर किसी तरह का कोई सलाह
मशवरा चाहते है तो समझिए आप बिल्कुल सही जगह पर है। Sukunj Realty.
Sukunj Realty ने अब तक सैकड़ों लोगों को उनके सपनों का घर दिलवाने में उनकी मदद की है। इसलिए देरी
ना कीजिए, अब बात करिए।

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